30 साल से बिना एंबुलेंस चल रहा सिविल अस्पताल...खिताब...
30 साल से बिना एंबुलेंस चल रहा सिविल अस्पताल...खिताब...
Regional News updated 2 months ago

30 साल से बिना एंबुलेंस चल रहा सिविल अस्पताल...खिताब...

जी हां पांवटा साहिब में अधिकतर ऐसे मरीजों को रेफर किया जा रहा है जिन का इलाज आसानी से अस्पताल में किया जा सकता है अगर जांच की जाए तो एंबुलेंस रजिस्टर से पता चलेगा अस्सी परसेंट पेट दर्द, सिर दर्द, बदन दर्द, बुखार, ब्ल्डप्रेशर हाई या लो जैसी मामूली छोटी-मोटी समस्याओं के चलते मरीजों को दिन भर रैफर किया जाता है नतीजा यह है कि जब क्रिटिकल मरीज़ को 108 की आवश्यकता होती है तो वह मौके पर नहीं मिलती।

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जरूरतमंदों को नहीं 108...

ASOKA TIME'S/पांवटा साहिब

पांवटा साहिब में स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसे ही दम नहीं तोड़ रही है इसमें डॉक्टर्स, प्रशासन और राजनीतिक दलों की कड़ी मेहनत भी शामिल है।

वीरवार देर शाम एक 24 वर्षीय युवक ने इस लिए दम तोड़ दिया क्योंकि उसे समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाई दरअसल इस युवक की जान बचाई जा सकती थी अगर उससे पहले डॉक्टर द्वारा एक पेट दर्द पेशेंट को रेफर नहीं किया होता सूत्रों की मानें तो वीरवार को डॉक्टर द्वारा करीब 4 बजे एक ऐसे पेशेंट को रेफर किया गया था जिसके पेट में दर्द था और अगर डॉक्टर अपने सीनियर की राय फोन पर लेते तो सिविल अस्पताल में ही इलाज संभव था लेकिन सिर दर्दी कौन ले पेट दर्द पेशेंट को 108 में रेफर कर दिया गया जिसके बाद एक रोड एक्सीडेंट में 24 वर्षीय गंभीर घायल को जब अस्पताल पहुंचाया गया तो उसे दो घंटे एंबुलेंस ही नहीं मिली क्योंकि एम्बुलेंस पेट दर्द मरीज़ को लेकर नाहन गई हुई थी 

http://पांवटा साहिब दशहरा लाइव... https://bit.ly/3mVo6N0

वहीं अगर डॉक्टर सूझबूझ से काम लेते तो अस्पताल कैंपस में खड़ी लोकल कैजुअल्टी 108 में सड़क हादसे में घायल 24 वर्षीय युवक को रेफर किया जा सकता था लेकिन परिजनों के आरोपों के अनुसार 2 घंटे तक सड़क हादसे में घायल युवक सिविल अस्पताल में तड़पता रहा और आखिर में उसने दम तोड़ दिया।

जी हां पांवटा साहिब में अधिकतर ऐसे मरीजों को रेफर किया जा रहा है जिन का इलाज आसानी से अस्पताल में किया जा सकता है अगर जांच की जाए तो एंबुलेंस रजिस्टर से पता चलेगा अस्सी परसेंट पेट दर्द, सिर दर्द, बदन दर्द, बुखार, ब्ल्डप्रेशर हाई या लो जैसी मामूली छोटी-मोटी समस्याओं के चलते मरीजों को दिन भर रैफर किया जाता है नतीजा यह है कि जब क्रिटिकल मरीज़ को 108 की आवश्यकता होती है तो वह मौके पर नहीं मिलती।

खिताब...

वही पांवटा सिविल अस्पताल हिमाचल प्रदेश का इकलौता ऐसा अस्पताल है जिसके पास अपनी एंबुलेंस नहीं है इस अस्पताल में रोगी कल्याण समिति द्वारा लाखों रुपए गरीब मरीजों से वसूले जाते हैं उन्हें सुविधाओं के नाम पर सिर्फ और सिर्फ ठगा जाता है अगर अस्पताल प्रशासन चाहता है तो आरकेएस के माध्यम से भी एंबुलेंस खरीदी जा सकती है और लोगों को सुविधा प्रदान की जा सकती है।

http://समय पर नहीं मिली 108... परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप https://bit.ly/3DG9pUJ

वहीं दूसरी ओर सिविल अस्पताल प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते हैं गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब द्वारा दी गई एंबुलेंस भी वापस लौटा दी गई है अगर प्रशासन चाहता तो इस एंबुलेंस का भी मरीजों को समय पर हायर सेंटर पहुंचाने में इस्तेमाल किया जा सकता था।

http://सिरमौर की विशेष पुलिस टीम ने किया भाडाफोड़... https://bit.ly/3lEgq1Y

http://दिव्यांग दलितों के काट दिए नाम...बीपीएल धांधली.. जांच के आदेश...प्रधान सचिव पर.. WATCH VIDEO https://youtu.be/NeA4as5vSJo

 

जर्जर हालत में एम्बुलेंस...

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